गुजरात राज्य योग बोर्ड (खेल, युवा एवं सांस्कृतिक गतिविधियां विभाग के अंतर्गत)
आपकी जीवनशैली में योगासनों का समावेश
"आसन" का अर्थ होता है – बैठने की स्थिति। प्रारंभ में योग में आसन का प्रयोग ध्यान के लिए स्थिर बैठने की मुद्रा के रूप में किया जाता था, जैसे कि सामान्य पद्मासन या सुखासन (क्रॉस-लेग पोज़िशन)।
लेकिन समय के साथ "आसन" शब्द का दायरा व्यापक होता गया। अब योगासनों में केवल बैठने की मुद्राएं ही नहीं, बल्कि लेटकर किए जाने वाले (reclining), खड़े होकर किए जाने वाले (standing), और उल्टे किए जाने वाले (inverted) आसन भी सम्मिलित हैं।
आज के समय में योगासन शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक संतुलन प्राप्त करने का एक समग्र माध्यम बन चुका है।
सरल योगासन को अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करके, न केवल हम शारीरिक कष्टों से राहत पा सकते हैं, बल्कि अपने जीवन में मानसिक संतुलन, शांति और सकारात्मकता भी ला सकते हैं।
चाहे वो मूलभूत योगासन हों या अन्य योगिक अभ्यास —
हर व्यक्ति अपनी सुविधानुसार इन अभ्यासों की शुरुआत कर सकता है। ये आसान और सहज तरीक़े, हमें स्वस्थ जीवन की ओर एक मजबूत कदम उठाने में मदद करते हैं।
योग = शरीर का स्वास्थ्य + मन की शांति + जीवन में सकारात्मक ऊर्जा।